Posts

Showing posts from July, 2018

गुरु का जीवन में महत्व

Image
गुरू महिमा एक भंवरा हर रोज एक फूलो के बाग मे जाता है और जिस जगह से वो गुजरता है ,  वहा एक गंदा नाला होता है और उस नाले मे एक कीड़ा रहता है वो भंवरा रोज उस नाले के ऊपर से होकर जाता है ! एक दिन उस भंवरे की नजर उस गंदी नाले के कीड़े पर पड़ती है और कीड़े को देखकर उस भंवरे को दया आ जाती है ! वो भंवरा सोचता है कि ये कीड़ा कैसे इस नाले मे रहता है और भंवरा कीड़े के पास जाकर उससे पूछता है ? कि तुम कैसे यहा रहते हो इस गंदगी मे ,  तो इस पर कीड़ा कहता है कि ये मेरा घर है ,  भंवरा कीड़े को समझाता है कि तुम मेरे साथ चलो मै तुम्हे जन्नत की सैर करवाऊंगा ! तो कीड़ा कहता है मै नही जाऊँगा यही मेरी जन्नत है ,  भंवरा कहता है तुम मेरे साथ चलो तो सही ,  मुझसे दोस्ती करो तो सही ,  भंवरे की बात सुनकर कीड़ा दोस्ती का हाथ आगे बढाता हे ओर चलने के लिए तैयार हो जाता है ,  फिर भंवरा उसे कहता है की मै कल आऊँगा और तुम्हे अपने साथ ले

सकारात्मक सोच का असर कुछ शब्दों में

Image
सकारात्मक सोच के मायने  :- पुराने समय की बात है , एक गाँव में दो किसान रहते थे। दोनों ही बहुत गरीब थे , दोनों के पास थोड़ी थोड़ी ज़मीन थी , दोनों उसमें ही मेहनत करके अपना और अपने परिवार का गुजारा चलाते थे। अकस्मात कुछ समय पश्चात दोनों की एक ही दिन एक ही समय पे मृत्यु हो गयी। यमराज दोनों को एक साथ भगवान के पास ले गए। उन दोनों को भगवान के पास लाया गया। भगवान ने उन्हें देख के उनसे पूछा , अब तुम्हे क्या चाहिये , तुम्हारे इस जीवन में क्या कमी थी , अब तुम्हें क्या बना के मैं पुनः संसार में भेजूं। भगवान की बात सुनकर उनमे से एक किसान बड़े गुस्से से बोला ,   हे भगवान ! आपने इस जन्म में मुझे बहुत घटिया ज़िन्दगी दी थी। आपने कुछ भी नहीं दिया था मुझे। पूरी ज़िन्दगी मैंने बैल की तरह खेतो में काम किया है , जो कुछ भी कमाया वह बस पेट भरने में लगा दिया , ना ही मैं कभी अच्छे कपड़े पहन पाया और ना ही कभी अपने परिवार को अच्छा खाना खिला