शिवलिंग पर जल क्यों चढ़ाते हैं |



हिन्दू धर्म में कई सारे देवी देवता पूजे जाते है, पर त्रिदेव यानी ब्रह्मा, विष्णु और महेश का स्थान सबसे ऊपर है ! जहां ब्रह्मा जी को सृष्टि का रचियता माना जाता है, विष्णु जी को सृष्टि का रक्षक और महेश यानी महादेव शिव जी का कार्य संसार से बुराई का अंत करना है !

आप जब ही मंदिर में जाते है तो देखते होंगे की कुछ ऐसा इंतजाम किया जाता है की शिवलिंग पे जल की बुँदे लगातार गिरती रहे और शिवलिंग जल से सदा तर रहे, क्या आप जानते है की शिवलिंग को जल से नहलाने का क्या कारण है! आज हम आपको इसके भौतिक, आध्यात्मिक, एवं वैज्ञानिक कारण बताएँगे!

सबसे पहले हम आपको भौतिक कारण के बारे में बताते है क्या है भौतिक कारण 

"भौतिक कारण" 

शिवलिंग पर जल चढ़ाने का एक भौतिक कारण तो ये बताया जाता है की इससे वहां मौजूद नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है ! जैसा की आप सभी जानते है आशुतोष भगवान्  शिव शंकर ने विषपान किया था ! जिससे उनका मस्तिष्क गर्म हो गया था ! जिस कारण से देवताओ ने उनके मस्तक पर जल डालकर उसे शीतल किया ! यहाँ मस्तिष्क गर्म होने से अभिप्राय नकारात्मक भावो के आपके भीतर उत्पन होने से और जल चढ़ा कर शीतल करने से अर्थ है की उन्हें मन और मस्तिष्क से दूर कर दिया जाये और सवयं शीतल हो जाये !

अब हम आपको आध्यात्मिक कारण के बारे में बताते है जानिए क्या है आध्यात्मिक  कारण 

"आध्यात्मिक कारण" 

ये तर्क दिया जाता है की मस्तिष्क के केंद्र में यानि इंसान के मस्तिष्क के मध्य में अग्नेय  चक्र होता है जो पिंघला और इड़ा नाड़ियो के मिलने का स्थान भी है ! वहाँ से आपकी सोचने समझने की क्षमता संचालित होती है और इसे शिव स्थान भी कहते है ! आप शांत रहे इसके लिए शिव का मन शीतल रहना अति आवश्यक माना जाता है ! इसलिए शिवलिंग पर जल चढ़ाया जाता है जो शिव को शीतलता  प्रदान करने का प्रमुख स्त्रोत माना जाता है !

शिवलिंग पर जल चढ़ाने का वैज्ञानिक कारण भी बड़ा महत्वपूर्ण है !

"वैज्ञानिक कारण" 

वैज्ञानिक अध्ययनों में भी पाया गया है की सभी ज्योत्रिलिंगो पर सबसे जयादा रेडिएशन पाया जाता है ! एक शिवलिंग एक नुक्लियर रिएक्टर् की तरह रेडीयो एक्टिव एनर्जी से परिपूर्ण होता है ! यही कारण है की इस प्रलयंकारी ऊर्जा को शांत रखने के लिए ही शिवलिंग पर निरंतर जल चढ़ाया जाता है क्योंकि शिवलिंग पर चढ़ा जल भी रिएक्टिव हो जाता है, इसलिए शिवलिंग के चारो और बनी जलहरी को लांघा नहीं जाता ! वही शिवलिंग पर चढ़ाया हुआ जल यदि नदी के बहते हुए जल के साथ मिला दिया जाए तो वही जल औषधि का रूप ले लेता है !

तो अगली बार आप जब भी शिव मंदिर जाए तो शिवलिंग पर जल अवश्य चढ़ाये और इन महत्वपूर्ण कारणों के बारे में सभी को बताये, ताकि सभी लोग शिवलिंग का जलाभिषेक कर शिव की कृपा के पात्र बने !



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