Posts

Showing posts from May, 2019

अक्षय तृतीया क्यों मनाई जाती है

Image
न क्षयति इति अक्षय” अर्थात जिसका कभी क्षय न हो उसे अक्षय कहते हैं और वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया के नाम से जाना जाता है। इसी दिन भगवान परशुराम का जन्म होने के कारण इस दिन परशुराम जयन्ती मनाई जाती है। अक्षय तृतीया के दिन गंगा-स्नान करने एवं भगवान श्री कृष्ण को चन्दन लगाने की परम्परा है। मान्यता है कि इस दिन जिनका परिणय-संस्कार होता है उनका सौभाग्य अखण्ड रहता है। इस दिन माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए विशेष अनुष्ठान करने तथा "श्री सूक्त" के पाठ के साथ हवन करने का भी विधान है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन माँ लक्ष्मी की पूजा करने से माँ अवश्य ही कृपा करती है जातक को अक्षय पुण्य के साथ उसका जीवन धन-धान्य से भर जाता है। 
जानिए क्या है अक्षय तृतीया का महत्व, 
अक्षय तृतीया क्यों मनाई जाती है,
*अक्षय तृतीया के दिन क्या करें,* जो मनुष्य इस दिन गंगा स्नान/ पवित्र नदियों में स्नान करता है, उसे समस्त पापों से मुक्ति मिलती है। यदि घर पर ही स्नान करना पड़े तो सूर्य उदय से पूर्व उठ कर एक बाल्टी में जल भर कर उस में गंगा जल मिला कर स्नान करना चाहिए। इस दिन भगवान श्रीकृष्…

साधुता से लालच पर विजय

Image
कुछ समय पूर्व एक बहुत ही पहुंचे हुए महात्मा हिमालय की तलहटी में निवास करते थे। अपने गुरु की आज्ञा से वे गाँव-गाँव में घूमकर अपने ज्ञान की गंगा पुरे देश में प्रवाहित कर रहे थे। वे किसी भी गाँव में अपना डेरा डालते और फिर वहाँ के लोगो में ज्ञान-रूपी गंगा का समावेश करते और अगले गाँव की और निकल पड़ते।
एक बार महात्मा घूमते-घूमते एक शहर के पास पहुंचे। लेकिन रात हो जाने के कारण शहर का दरवाज़ा बन्द हो गया था। महात्मा ने रात वही व्यतीत करके सुबह-सवेरे शहर में प्रवेश करने का विचार किया और वही दरवाज़े के पास बिछोना बिछाकर लेट गए।
उसी रात लम्बी बीमारी के चलते उस राज्य के राजा की मृत्यु हो गई। राजा के कोई संतान नहीं थी। इसीलिए राजगद्दी पर बैठने के लिए पूरा राज-परिवार झगड़ने लगा। सभी राजा के सिंहासन पर अपना अधिकार जताने लगे। राजगद्दी के लिए होने वाले झगडे का कोई हल न निकलते देख राज-दरबारियों ने एक अनोखा निर्णय लिया।
राज-दरबारियों ने सर्व-सहमति से यह निर्णय लिया की अगले दिन सुबह शहर का दरवाजा खुलने पर जो व्यक्ति सबसे पहले शहर के अन्दर कदम रखेगा उसी को राज्य का राजा घोषित कर दिया जाएगा। सभी ने राज-दरबारि…