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Showing posts from July, 2019

कैलाश पर्वत और उससे जुड़े रोचक तथ्य |

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भगवान शिव को दुनिया के सभी धर्मों का मूल माना जाता है और हिन्दू धर्म में भगवान शिव को मृत्युलोक का देवता माना गया है। भगवान शिव अजन्मे माने जानते हैं, ऐसा कहा जाता है कि उनका न तो कोई आरम्भ हुआ है और न ही अंत होगा। इसीलिए वे अवतार न होकर साक्षात ईश्वर है। पौराणिक कथाओं के अनुसार कैलाश पर्वत को भगवान शंकर का निवासस्थान माना जाता है. लोगों का मानना है कि कैलाश पर्वत पर भगवान शिव अपने परिवार के साथ रहते हैं. इसके अलावा कैलाश पर्वत की चोटियों के बीच स्थित झील को “मानसरोवर झील” के नाम से जाना जाता है. कैलाश पर्वत को दुनिया के सबसे रहस्यमयी पर्वतों में से एक माना जाता है. इस लेख में हम कैलाश पर्वत से जुड़े 9 रोचक तथ्यों का विवरण दे रहे है।

चार महान नदियों का उद्गम स्थल कैलाश पर्वत चार महान नदियों सिंध, ब्रह्मपुत्र, सतलज और कर्णाली (घाघरा) का उद्गम स्थल है। इसके अलावा इसकी चोटियों के बीच दो झील स्थित है। कैलाश मानसरोवर झील जो की दुनिया में सबसे ऊंचाई पर स्थित शुद्ध पानी की सबसे बड़ी झीलों में से एक है और इसका आकार सूर्य के सामान है।

मानसरोवर झील में नहाने से मिलती है पापों से मुक्ति यदि आप कैला…

अद्भुत सोमनाथ मंदिर और उसके रोचक तथ्य |

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सोमनाथ मंदिर गुजरात के पश्चिमी तट पर सौराष्ट्र में वेरावल बंदरगाह के पास प्रभास पाटन में स्थित है। यह मंदिर भारत में भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंग मंदिरों में से पहला माना जाता है। यह गुजरात का एक महत्वपूर्ण तीर्थ और पर्यटन स्थल है। प्राचीन समय में इस मंदिर को कई मुस्लिम आक्रमणकारियों और पुर्तगालियों द्वारा बार-बार ध्वस्त करने के बाद वर्तमान हिंदू मंदिर का पुनर्निर्माण वास्तुकला की चालुक्य शैली में किया गया। सोमनाथ का अर्थ है, “भगवानों के भगवान”, जिसे भगवान शिव का अंश माना जाता है। गुजरात का सोमनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर ऐसी जगह पर स्थित है जहां अंटार्टिका तक सोमनाथ समुद्र के बीच एक सीधी रेखा में कोई भूमि नहीं है। सोमनाथ मंदिर के प्राचीन इतिहास और इसकी वास्तुकला और प्रसिद्धि के कारण इसे देखने के लिए देश और दुनिया से भारी संख्या में पर्यटक यहां आते हैं।

सोमनाथ मंदिर का इतिहास
माना जाता है कि सोमनाथ मंदिर का निर्माण स्वयं चंद्रदेव सोमराज ने किया था। इसका उल्लेख ऋग्वेद में किया गया है। इतिहासकारों का मानना है कि गुजरात के वेरावल बंदरगाह में स्थित सोमनाथ मंदिर की महिमा …

भारत के रहस्यमय मन्दिर - 1: श्री जगन्नाथ मन्दिर, पुरी, ओडिशा

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जैसा कि आप सभी को ज्ञात है कि हमारा देश विविधताओं का देश है, इन्ही विविधताओं में कई ऐसे रहस्य है जो पहेली बनकर हम सभी के सामने खड़े है। जिन्हें आज तक सुलझाया नहीं जा सका है। कुछ रहस्यात्मक चमत्कार जो आज हमें ज्ञात हैं, वे सनातन धर्म के कुछ मन्दिरों से जुड़े हैं। आज तक भी कई ऐसे अन-सुलझे रहस्य है जिनका विज्ञान के पास कोई जवाब नहीं है। जिन्हे देखकर लगता है कि इनके पीछे अवश्य ही कोई अलौकिक शक्ति विध्यमान है।
यह लेख हमारे देश के ऐसे अन-गिनत मन्दिरों के रहस्यों से आपको अवगत करवाने की एक शुरुआत है, इस श्रंखला में आप हिंदुस्तान के अद्भुत मन्दिरों के इतिहास, वर्तमान तथा उनसे जुड़ी रहस्यमय घटनाओं के बारे में जानेंगे।
इतिहास- श्री जगन्नाथ मन्दिर, पुरी, ओडिशा- इस मन्दिर का निर्माण 12वीं शताब्दी ईसा पूर्व में गंगावंश के राजा अनन्तवर्मन चोड़गंगा द्वारा करवाया गया था। इसका प्रमाण इनके वंशज नरसिम्हा देव द्वितीय के केंदुपटना के ताम्र-शिलालेख से मिलता है। अनन्तवर्मन मूलरूप से शैव थे, और 1112 ईस्वी में उत्कल क्षेत्र (जिसमें मंदिर स्थित है) पर विजय प्राप्त करने के कुछ समय बाद वे वैष्णव बन गए। 1134-1135 ईसा…